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Sagheer Lucky
khushk paani ho gaya aankhoñ ka
khushk paani ho gaya aankhoñ ka | ख़ुश्क पानी हो गया आँखों का
- Sagheer Lucky
ख़ुश्क
पानी
हो
गया
आँखों
का
मैं
तो
रो
भी
नहीं
सकता
यारों
- Sagheer Lucky
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वो
आँखें
आपके
ग़म
में
नहीं
हुई
हैं
नम
दिया
जलाते
हुए
हाथ
जल
गया
होगा
Shadab Javed
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हमारी
मुस्कुराहट
पर
न
जाना
दिया
तो
क़ब्र
पर
भी
जल
रहा
है
Aanis Moin
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चूमने
की
रस्म
बाक़ी
है
अभी
भी
डर
है
पहले
देह
को
उबटन
न
चू
में
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Neeraj Neer
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आँख
वो
इक
शहर
जिस
में
दम
घुटेगा
दिल
में
रहना
घर
में
रहने
की
तरह
है
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Neeraj Neer
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तेरे
चुप
रहने
से
हर
पौधा
सूख
गया
है
तुझको
मालूम
नहीं
पौधों
का
पानी
है
तू
Kabir Altamash
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अगर
फ़ुर्सत
मिले
पानी
की
तहरीरों
को
पढ़
लेना
हर
इक
दरिया
हज़ारों
साल
का
अफ़्साना
लिखता
है
Bashir Badr
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किस
ने
भीगे
हुए
बालों
से
ये
झटका
पानी
झूम
के
आई
घटा
टूट
के
बरसा
पानी
Arzoo Lakhnavi
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मेरी
तक़दीर
में
जलना
है
तो
जल
जाऊँगा
तेरा
वा'दा
तो
नहीं
हूँ
जो
बदल
जाऊँगा
Sahir Ludhianvi
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हो
गए
राम
जो
तुम
ग़ैर
से
ए
जान-ए-जहाँ
जल
रही
है
दिल-ए-पुर-नूर
की
लंका
देखो
Kalb-E-Hussain Nadir
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उस
से
कहना
की
धुआँ
देखने
लाएक़
होगा
आग
पहने
हुए
मैं
जाऊँगा
पानी
की
तरफ़
Abhishek shukla
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ऐ
दिल
तुझे
तो
उनको
बुलाना
ही
चाहिए
वो
आएँ
या
न
आएँ
ये
मर्ज़ी
की
बात
है
Sagheer Lucky
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मुझको
मेरा
पता
नहीं
मिलता
इश्क़
मुझको
भी
खा
गया
शायद
Sagheer Lucky
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तुम्हारे
नाम
लम्हे
ज़िन्दगी
के
कर
दिए
हैं
सब
के
अब
चाहे
भी
कोई
तो
हमारा
हो
नहीं
सकता
Sagheer Lucky
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तुम्हारी
आँख
में
ठहरा
हुआ
हूँ
कभी
आँसू
कभी
सपना
हुआ
हूँ
मैं
किसके
हाथ
की
ज़ीनत
बनूँगा
हिनाई
शाख़
से
टूटा
हुआ
हूँ
तेरे
दिल
में
जगह
अपनी
बना
ली
मैं
ख़ुश्बू
की
तरह
फैला
हुआ
हूँ
समेटे
आ
के
माला
ही
बना
ले
मैं
बासी
फूल
सा
बिखरा
हुआ
हूँ
कोई
सिलवट
नहीं
है
बिस्तरों
पर
कई
रातों
का
मैं
जागा
हुआ
हूँ
मुहब्बत
की
कशिश
भारी
पड़ी
है
तुम्हारे
शह्र
में
आया
हुआ
हूँ
यहाँ
कोई
नहीं
होता
किसी
का
ख़ुशी
तंगी
से
भी
गुज़रा
हुआ
हूँ
नहीं
कुछ
होश
बाक़ी
है
ज़रा
भी
मुहब्बत
में
दिवानों
सा
हुआ
हूँ
अबस
बच्चा
समझते
हैं
अभी
तक
मैं
हर
इक
दौर
से
गुज़रा
हुआ
हूँ
जिसे
वालिद
की
शफक़त
मानते
हो
मैं
उसकी
छाँव
में
बैठा
हुआ
हूँ
अभी
फुर्सत
नहीं
है
कुछ
लकी
जी
बहुत
से
काम
में
उलझा
हुआ
हूँ
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Sagheer Lucky
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बिगड़ा
हुआ
नसीब
हमारा
चमक
गया
आप
आ
गए
तो
घर
भी
हमारा
महक
गया
दुश्मन
ने
मेरे
साथ
चली
इस
तरह
से
चाल
फूलों
से
मेरी
राह
के
काँटों
को
ढक
गया
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Sagheer Lucky
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