zakham roz ro ro kar cheekhte nahin dekhe | ज़ख़्म रोज़ रो रो कर चीख़ते नहीं देखे

  - Sagar Sahab Badayuni
ज़ख़्मरोज़रोरोकरचीख़तेनहींदेखे
अच्छाहीहुआवोदिनआपनेनहींदेखे
हमसेेपूछोकितनाहैइनउदासियोंकादुख
आपनेअभीलगताहादसेनहींदेखे
होसकेतोसमझानाअपनेआशिक़ोंकोतू
जंगमेंतिरीख़ातिरक़ाफ़िलेनहींदेखे
पाँवजलतेथेमेरेचलनासीखाथाजबतक
चलनाआयाजबमुझकोहासिएनहींदेखे
दोस्तकीवफ़ाओंमेंमुतमइनरहेइतना
बादजबग़ज़ललिक्खीक़ाफ़िएनहींदेखे
हालदेखकरभीतूमिलनेतकनहींआया
तुझकोमिलनाथाजबभीफ़ासलेनहींदेखे
मुझकोदेखताहैजबकहताहैग़नीमतहै
ज़ख़्मउसनेअंदरसेझाँककेनहींदेखे
दर्दजबसुनाताहूँहँसताहैमिराचेहरा
लफ़्ज़तबकिसीनेभीकाँपतेनहींदेखे
  - Sagar Sahab Badayuni
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