lagti thii jisko zindagi dushwaar uskaa kya hua | लगती थी जिसको ज़िंदगी दुश्वार उसका क्या हुआ

  - Sagar Sahab Badayuni
लगतीथीजिसकोज़िंदगीदुश्वारउसकाक्याहुआ
वोथाजोइकलड़काबहुतबीमारउसकाक्याहुआ
तुमक्याकरोगीजानकरक्याहैजोअबतुमसेेकहूँ
परतुमकहोतुमकोथाजिससेेप्यारउसकाक्याहुआ
क्याफिरवहीलेकरकेआएहोपुरानीतुमग़ज़ल
तुमलिखरहेथेजोनयेअश'आरउसकाक्याहुआ
येइसतरहकैसेअचानककोईरिश्तागया
तुमनेकियाथाघरपेजोइनकारउसकाक्याहुआ
इसलालजोड़ेमेंतुम्हेंयूँँदेखकरदिलरोताहै
तुमनेकिएथेमुझसेेजोइक़रारउसकाक्याहुआ
  - Sagar Sahab Badayuni
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