दश्त-ए-दामनकोलेकरघरजाऊँकैसे
अपनेबीमार-ए-दिलकोसमझाऊँकैसे
दर्द-ए-ग़मदर्द-ए-पैहमहोगयाहैमेरा
दर्द-ए-दिलतुझकोमैंदोस्तदिखाऊँकैसे
उसकीयादोंनेहीबचाएरक्खाहैअब
उसकीयादोंकोमैंआगलगाऊँकैसे
दर्द-ए-ग़मअंदरसेखानेलगाहैमुझको
अपनीवहशतकामैंबोझउठाऊँकैसे
उसकीइकतस्वीरलगारक्खीहैदिलमें
दिलसेवोउसकीतस्वीरमिटाऊँकैसे
रोज़लटकजानेकोकहताहैमेरादिल
दोस्तबताख़ुदकोमैंरोज़बचाऊँकैसे