kisi ko mirii ab zaroorat nahin hai | किसी को मिरी अब ज़रूरत नहीं है

  - Sagar Sahab Badayuni
किसीकोमिरीअबज़रूरतनहींहै
मुझेभीकिसीसेशिकायतनहींहै
रुलायागयाहैमुझेदोस्तइतना
अभीइश्क़करनेकीहिम्मतनहींहै
कहाँदिलदिखाऊँमुझेतुमबताओ
ज़राभीमिरेदिलकोराहतनहींहै
मुझेदेखकरक्यूँसभीरोरहेहैं
अभीमरनेजैसीतोहालतनहींहै
मिरेशे'रकोवोसमझतानहींजो
मिरेदर्दसेजिसकोनिस्बतनहींहै
उसेदेखकरदिनगुजरताहैमेरा
जिसेदेखनेकीभीहसरतनहींहै
अभीज़ख़्मकीपरवरिशकररहेहैं
अभीआनेजानेकीफ़ुर्सतनहींहै
कभीथीमुझेभीमोहब्बतकिसीसे
मुझेअबकिसीसेमोहब्बतनहींहै
  - Sagar Sahab Badayuni
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