gar ishq hai to had se guzar thodii jaayenge | गर इश्क़ है तो हद से गुज़र थोड़ी जाएँगे

  - Sagar Sahab Badayuni
गरइश्क़हैतोहदसेगुज़रथोड़ीजाएँगे
येख़ुदकुशीतोझूटहैकरथोड़ीजाएँगे
उससेेबिछड़केआजभीज़िंदाहैंठीकहैं
उससेेबिछड़गएहैंतोमरथोड़ीजाएँगे
मानाकेहरकिसीकेसताएहुएहैंहम
क़दमोंमेंहरकिसीकेबिखरथोड़ीजाएँगे
मुझकोकिसीकीयाददिलातेहैंज़ख़्मये
अबबातयादकीहैयेभरथोड़ीजाएँगे
तोक्याहुआजोहारगएबारबारहम
इतनीसीबातकेलिएघरथोड़ीजाएँगे
अच्छेहोंयाबुरेहोंवोसबदोस्तहैंमिरे
कुछभीहोआँखसेवोउतरथोड़ीजाएँगे
येलोगजोयहाँहैंसभीख़ानदानीहैं
कुछमाँगलूँगातोयेमुकरथोड़ीजाएँगे
  - Sagar Sahab Badayuni
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