इंतिहा-ए-'इश्क़ भी सर से उतर जाएगा इक दिन

  - Sagar Sahab Badayuni
इंतिहा-ए-'इश्क़भीसरसेउतरजाएगाइकदिन
वोतिराजिसरोज़जबहदसेगुज़रजाएगाइकदिन
दिलभलायेकबकिसीकाएकपरजाकेरुकाहै
आजमुझसेेभरगयातुझसेेभीभरजाएगाइकदिन
जिसतरहकीग़ज़लोंकामाहौलरहताहैतिरेघर
देखनाइसकातूबच्चोंपरअसरजाएगाइकदिन
येबदनयेज़ख़्मयेदुखयेख़ुशीग़मऔरयेदिल
एकझटकामौतकायेसबबिखरजाएगाइकदिन
बसइसीउम्मीदपरजलनेदियासबनेमिराघर
बचगयातूकाफ़ीहैघरफिरसँवरजाएगाइकदिन
जिसतरहकीकैफ़ियतमेंवोग़ज़ललिखनेलगाहै
डरलगाहीरहताहैवोलड़कामरजाएगाइकदिन
क्याहैइन'आम-ए-वफ़ातुझकोनहींमालूमसागर
खागयाहैदिल,तुझेभीख़त्मकरजाएगाइकदिन
  - Sagar Sahab Badayuni
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