gham ke dar pe mujhe naukri chahiye | ग़म के दर पे मुझे नौकरी चाहिए

  - Sagar Sahab Badayuni
ग़मकेदरपेमुझेनौकरीचाहिए
दुखसेयानीभरीज़िंदगीचाहिए
ढोंगकरनाहीक्यूँँग़मज़दाहोनेका
ग़मअगरहैतोफिरदिखनाभीचाहिए
दिनख़ुशीसेगुज़रताहैग़ममेंमिरा
किसकोलगताहैमुझकोख़ुशीचाहिए
एकहीशख़्सजबदेनहींसकताफिर
मुझकोवापसमिरीज़िंदगीचाहिए
ख़ामुशीचीख़तीरहतीहैकानोंमें
मुझसेेयहकहतीहैख़ामुशीचाहिए
कोईख़्वाहिशनहींबाक़ीदीवानेकी
उसकेचेहरेकीमुझकोहँसीचाहिए
ज़िंदगीचाहिएऐसीजोमौतहो
मौतऐसीलगेजोअभीचाहिए
  - Sagar Sahab Badayuni
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