raatein guzri tanhaa tanhaa din guzra kaanton men | रातें गुज़री तन्हा तन्हा दिन गुज़रा काँटों में

  - Sagar Sahab Badayuni
रातेंगुज़रीतन्हातन्हादिनगुज़राकाँटोंमें
तबजाकरआराममिलामुझकोमेरेछालोंमें
हमजोडालेफिरतेहैंउनकीबाहोंकाफंदा
मौतहमेंआनीहैइकदिनउनकीहीबाहोंमें
जबसेउसकाख़्वाबमिरीइनआँखोंसेउतराहै
तबसेयेआलमहैख़्वाबनहींहैइनआँखोंमें
मैंतोअपनेग़मतकबाँटनहींपायाख़ुदसेफिर
दिलयेकैसेदेबैठाइकपागलकेहाथोंमें
नींदसेतोअबसमझोअपनाबसइतनारिश्ताहै
दर्दबढ़ेतोफिरमैंरोनेलगताहूँरातोंमें
मेरेअंदरकीआदतअबमेरीहीदुश्मनहै
हँसकरजोभीमिलताहैजाताहूँबातोंमें
पहलेउसकीयादेंतोजीनामुश्किलकरतीथीं
क्याजानेअबवोकिसकोआतीहोगीयादोंमें
हमकोअबइकदूज़ेकेख़ातिरजीनामरनाहै
अबवोजानेकिसकिसयेकहतीहोगीवादोंमें
  - Sagar Sahab Badayuni
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