बंद दिल के तालों की चाबियाँ बनाऊँगा

  - Sagar Sahab Badayuni
बंददिलकेतालोंकीचाबियाँबनाऊँगा
इंतिज़ारकरनेकोखिड़कियाँबनाऊँगा
अबनहींबनाऊँगाज़ख़्मकीदवाकोई
ताज़ाहीरहेऐसीपट्टियाँबनाऊँगा
तुमनिभातेहीरहनासबरिवाज़दुनियाके
परमैंएकबेवाकीचूड़ियाँबनाऊँगा
हँसतेमुस्कुरातेइकचेहरेकोबनाकरमैं
रंगभरतींउस
मेंकुछतितलियाँबनाऊँगा
लौटकरनहींआएजंगपरगएथेजो
उनकेबच्चोंकीख़ातिरबस्तियाँबनाऊँगा
तुमसभीबनाओबससाज़िशेगिरानेकी
आनेवालोंकीख़ातिरसीढ़ियाँबनाऊँगा
हैउदासलोगोंकीज़िम्मेदारीभीमुझपर
ख़ुदकुशीमैंकरनेकोपटरियाँबनाऊँगा
  - Sagar Sahab Badayuni
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy