yahii ik baat ja ja kar kahii hai bas qabeelon men | यही इक बात जा जा कर कही है बस क़बीलों में

  - Sagar Sahab Badayuni
यहीइकबातजाजाकरकहीहैबसक़बीलोंमें
ख़ुशीसेख़ुशनहींकोईनिकलआयानतीजोंमें
ज़रासीभूखकेख़ातिरदुआएँदेतेफिरतेहैं
यहीआदतमुझेअच्छीनहींलगतीफ़क़ीरोंमें
यहीइकदुखहमेशाख़ुशमुझेरहनेनहींदेगा
लिखाकरलानहींपाएतुझेहमक्यूँनसीबोंमें
किसीकोहोगयाहासिलबिनालिक्खालक़ीरोंका
किसीकोमिलनहींपायालिखाथाजोलक़ीरोंमें
ख़ुशीकाहाथजबसेउठगयातबसेहमारेसंग
उदासीमाँबड़ीबनकररहीहैहमग़रीबोंमें
  - Sagar Sahab Badayuni
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