baithi hooñ intizaar men banthan ke saamne | बैठी हूँ इंतिज़ार में बनठन के सामने

  - Safar
बैठीहूँइंतिज़ारमेंबनठनकेसामने
आएँगेसाजनाअभीआँगनकेसामने
सायाबनाऊँहूँमैंतख़य्युलमेंयारका
परछाईरक़्सकरतीहैधड़कनकेसामने
मेरीबड़ीहैप्यासबताऊँगीभूकको
रोऊँगीफूटफूटकेसौकनकेसामने
लेकेफिरूँहूँयारकीसूरतगलीगली
मोहनहीगएमेरेमोहनकेसामने
पाज़ेबचूड़ियाँमेरेकिसकामकीरहीं
नंगेबदनहीजानाहैसाजनकेसामने
अपनेअकेलेपनकाकरूँँहूँमैंयूँँइलाज
दर्पनहैपीछेऔरमैंदर्पनकेसामने
मिलतीनहींहूँपीसेइसीवास्तेबलम
जातीनहींहैरांडसुहागनकेसामने
  - Safar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy