mutmain hooñ ki mujhe chhod ke itnaa KHush hai | मुतमइन हूँ कि मुझे छोड़ के इतना ख़ुश है

  - Sabir Amani
मुतमइनहूँकिमुझेछोड़केइतनाख़ुशहै
वोजिसेदेखकेलगताहैकिबच्चाख़ुशहै
कितनाख़ुशहैवोमोहब्बतसेरिहाईपाकर
जबसेरूठाहैज़रूरतसेज़ियादाख़ुशहै
मैंहोतातोउसेनींदनहींआतीथी
मैंतोहैरानहूँवोशख़्सअकेलाख़ुशहै
ऐसीहालतहैतिरेहिज्रमेंदीवानेकी
वोतमाशाहैकिहरदेखनेवालाख़ुशहै
मुझसेबेज़ारसेशिकवानहींकरनाजाएज़
मुझसाख़ुशहोभीतोलगताहैअधूराख़ुशहै
दोस्तामैंभीकभीमस्तहुआकरताथा
सबमुझेदेखकेकहतेथेकिलड़काख़ुशहै
तूबतादोस्तकिफ़नकारकोक्याकहतामैं
जिसनेमर्ज़ीसेबनाकेमुझेपूछाख़ुशहै
येक़फ़सखोलदोऔरसामनेसेहटजाओ
बैठजाएतोसमझलोकिपरिंदाख़ुशहै
  - Sabir Amani
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