na koi uljhan na dil pareshaan na koi dard-e-nihaan tha pahle | न कोई उलझन न दिल परेशाँ न कोई दर्द-ए-निहाँ था पहले

  - Sabiha Sadaf
कोईउलझनदिलपरेशाँकोईदर्द-ए-निहाँथापहले
हमारेहाथोंमेंतितलियाँथींयेदिलबहुतशादमाँथापहले
हरएकतितलीपेबार-ए-ग़महैऔरअंदलीबोंकीआँखनमहै
जहाँपेअबख़ाकउड़रहीहैयहींकहींगुलिस्ताँथापहले
बुग़्ज़दिलमेंरहेनफ़रतबसएकदूजेसेहोमोहब्बत
हमआओता'मीरफिरसेकरलेंवहीजोहिन्दोस्ताँथापहले
वोमेरीचाहतकीरौशनीसेनिकलकेज़ुल्मतमेंजीरहाथा
यक़ीनमुझकोनहींथालेकिनवोमुझसेकुछबद-गुमाँथापहले
हमारीहोलीहैईदहैवोहरइकख़ुशीकीउमीदहैवो
वोपासआएतोउससेपूछेंतूइतनेदिनसेकहाँथापहले
तुम्हारीदुनियामेंआएँगेहमतुम्हेंगलेसेलगाएँगेहम
जनाबहमकोमिलेजोफ़ुर्सतदराज़-ए-कार-ए-जहाँसेपहले
हैवहशतोंकायेदौरकैसाक्यूँदहशतेंसरउठारहीहैं
कहाँसेलेआएँढूँडकरहमवहीजोअम्न-ओ-अमाँथापहले
  - Sabiha Sadaf
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy