gardish-e-waqt se ladna hai jhagadna hai abhii | गर्दिश-ए-वक़्त से लड़ना है झगड़ना है अभी

  - Sabiha Sadaf
गर्दिश-ए-वक़्तसेलड़नाहैझगड़नाहैअभी
चढ़तेसूरजहैंहमेंऔरउभरनाहैअभी
हौसलेदूरी-ए-मंज़िलसेथकजाएँकहीं
कितनीपुर-ख़ारसीराहोंसेगुज़रनाहैअभी
नोक-ए-मिज़्गाँपेउतरआएहैंआँसूऐसे
अब्र-ए-बाराँकीतरहजैसेबरसनाहैअभी
उसकोख़्वाबोंमेंबसारक्खाहैख़ुशबूकीतरह
औरता'बीरतलकउसकोठहरनाहैअभी
ठोकरेंहमकोसँभलनेकासबक़देतीहै
बारहातुमको'सदफ़'गिरनासँभलनाहैअभी
  - Sabiha Sadaf
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