ghamon se apne koi shaKHs choor hota hai | ग़मों से अपने कोई शख़्स चूर होता है

  - Sabiha Saba
ग़मोंसेअपनेकोईशख़्सचूरहोताहै
किसीकेदिलमेंख़ुशीकाग़ुरूरहोताहै
बड़ेजतनसेकिसीकोभुलादियाहमने
बड़ेजतनसेयेसहराउबूरहोताहै
किसीकीकोईदु'आभीहोसकीपूरी
किसीकिसीकीदु'आओंमेंनूरहोताहै
किसीकीदूरियाँदिलकोसतासतामारें
क़रीबरहकेकोईशख़्सदूरहोताहै
जहाँमेंनामवरोंकेअज़ाबक्याकहिए
ज़रासीबातकाचर्चाज़रूरहोताहै
  - Sabiha Saba
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