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Saarthi Baidyanath
hijr dar-asl aashiqon ke li.e
hijr dar-asl aashiqon ke li.e | हिज्र दर-अस्ल आशिक़ों के लिए
- Saarthi Baidyanath
हिज्र
दर-अस्ल
आशिक़ों
के
लिए
एक
तमग़े
की
तरह
होता
है
- Saarthi Baidyanath
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हिज्र
में
ख़ुद
को
तसल्ली
दी
कहा
कुछ
भी
नहीं
दिल
मगर
हँसने
लगा
आया
बड़ा
कुछ
भी
नहीं
Afkar Alvi
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सरकार
कहने
लग
गया
वो
सीधे
नाम
से
जो
हम-क़लाम
कम
था
मेरे
पहले
नाम
से
मुझ
सेे
बिछड़
के
अपना
कोई
नाम
रख
लियो
सब
लोग
जानते
हैं
तुझे
मेरे
नाम
से
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Rishabh Sharma
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तुम
सेे
बिछड़
जाने
का
ख़याल
अच्छा
है
क्योंकि
अभी
मेरा
भी
हाल
अच्छा
है
उसने
पूछा
तुम्हें
कितनी
महोब्बत
है
मुझ
सेे
मैंने
कहा
मालूम
नहीं
सवाल
अच्छा
है
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karan singh rajput
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हिज्र
में
इश्क़
यूँँ
रखा
आबाद
हिचकियाँ
तन्हा
तन्हा
लेते
रहे
Siraj Tonki
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बिछड़
जाएँगे
हम
दोनों
ज़मीं
पर
ये
उस
ने
आसमाँ
पर
लिख
दिया
है
Siraj Faisal Khan
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कितना
भी
दर्द
पिला
दे
ख़ुदा
पी
सकता
हूँ
ज़िन्दगी
हिज्र
से
भर
दे
मिरी
जी
सकता
हूँ
हर
दफ़ा
दिल
पे
ही
खा
के
हुई
है
आदत
ये
बंद
आँखों
से
भी
हर
ज़ख़्म
को
सी
सकता
हूँ
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Faiz Ahmad
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बता
रहा
है
झटकना
तेरी
कलाई
का
ज़रा
भी
रंज
नहीं
है
तुझे
जुदाई
का
मैं
ज़िंदगी
को
खुले
दिल
से
खर्च
करता
था
हिसाब
देना
पड़ा
मुझको
पाई-पाई
का
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Azhar Faragh
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हिज्र
में
तुमने
केवल
बाल
बिगाड़े
हैं
हमने
जाने
कितने
साल
बिगाड़े
हैं
Anand Raj Singh
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अमीर
इमाम
के
अश'आर
अपनी
पलकों
पर
तमाम
हिज्र
के
मारे
उठाए
फिरते
हैं
Ameer Imam
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इस
से
पहले
कि
ज़मीं-ज़ाद
शरारत
कर
जाएँ
हम
सितारों
ने
ये
सोचा
है
कि
हिजरत
कर
जाएँ
दौलत-ए-ख़्वाब
हमारे
जो
किसी
काम
न
आई
अब
किसी
को
नहीं
मिलने
की
वसिय्यत
कर
जाएँ
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Idris Babar
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ज़मीं
से
दूर
होते
जा
रहे
हैं
मियाँ
मशहूर
होते
जा
रहे
हैं
बनाते
हैं
बहाने
पर
बहाने
बड़े
मजबूर
होते
जा
रहे
हैं
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Saarthi Baidyanath
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ज़िंदगी
बेकार
है
सब
बोलते
हैं
ज़िंदगी
त्योहार
है
किसको
पता
है
Saarthi Baidyanath
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मायूसी
और
ग़म
में
थोड़ा
अन्तर
है
आँसू
और
शबनम
में
थोड़ा
अन्तर
है
Saarthi Baidyanath
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दूर
जाते
ही
नज़र
आने
लगे
हो
तुम
मुझे
लग
रहा
है
पास
की
मेरी
नज़र
कमज़ोर
है
Saarthi Baidyanath
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सुनो
ईमान
की
रस्सी
बहुत
बारीक
होती
है
बिना
बाज़ीगरी
के
कोई
उस
पर
चल
नहीं
सकता
Saarthi Baidyanath
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