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Saarthi Baidyanath
deewaron ke kaan sabhi ne dekhe hain
deewaron ke kaan sabhi ne dekhe hain | दीवारों के कान सभी ने देखे हैं
- Saarthi Baidyanath
दीवारों
के
कान
सभी
ने
देखे
हैं
मैंने
दीवारों
की
आँखें
देखी
हैं
- Saarthi Baidyanath
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बरस
रही
है
आँखें
हैं
ये
इनको
बादल
मत
कहना
मौत
हुई
है
दिल
की
मेरे
उसको
घाइल
मत
कहना
जीवन
भर
वो
साथ
रहेगा
प्यार
करेगा
बस
तुमको
मुझको
पागल
कह
देती
थी
उसको
पागल
मत
कहना
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Tanoj Dadhich
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हम
तोहफ़े
में
घड़ियाँ
तो
दे
देते
हैं
एक
दूजे
को
वक़्त
नहीं
दे
पाते
हैं
आँखें
ब्लैक
एंड
व्हाइट
हैं
तो
फिर
इन
में
रंग
बिरंगे
ख़्वाब
कहाँ
से
आते
हैं?
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Fareeha Naqvi
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साक़ी
कुछ
आज
तुझ
को
ख़बर
है
बसंत
की
हर
सू
बहार
पेश-ए-नज़र
है
बसंत
की
Ufuq Lakhnavi
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मुक़ाबिल
फ़ासलों
से
ही
मोहब्बत
डूब
जाएगी
सुनोगी
झूठी
बातें
तुम
हक़ीक़त
डूब
जाएगी
चलेगी
तब
तलक
जब
तक
तिरी
परछाईं
देखेगी
तिरा
जब
हुस्न
देखेगी
सियासत
डूब
जाएगी
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Anurag Pandey
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मुमकिन
है
कि
सदियों
भी
नज़र
आए
न
सूरज
इस
बार
अँधेरा
मिरे
अंदर
से
उठा
है
Aanis Moin
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जो
बिस्मिल
बना
दे
वो
क़ातिल
तबस्सुम
जो
क़ातिल
बना
दे
वो
दिलकश
नज़ारा
मोहब्बत
का
भी
खेल
नाज़ुक
है
कितना
नज़र
मिल
गई
आप
जीते
मैं
हारा
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Nushur Wahidi
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सखी
को
हमारी
नज़र
लग
न
जाए
उसे
ख़्वाब
में
रात
भर
देखते
हैं
Sahil Verma
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लाखों
सद
में
ढेरों
ग़म
फिर
भी
नहीं
हैं
आँखें
नम
इक
मुद्दत
से
रोए
नहीं
क्या
पत्थर
के
हो
गए
हम
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Azm Shakri
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भूलभुलैया
था
उन
ज़ुल्फ़ों
में
लेकिन
हमको
उस
में
अपनी
राहें
दिखती
थीं
आपकी
आँखों
को
देखा
तो
इल्म
हुआ
क्यूँँ
अर्जुन
को
केवल
आँखें
दिखती
थीं
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Ashraf Jahangeer
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कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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कौन
हूँ
मैं
न
कोई
पूछ
रहा
हैरत
है
एक
ऐसा
भी
नगर
होगा
कहाँ
सोचा
था
Saarthi Baidyanath
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मैं
कोई
प्रेमगीत
लिखता
रहूँ
और
जीवन
का
अंत
हो
जाए
Saarthi Baidyanath
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जो
अलग
हैं
उन्हें
ग़लत
न
कहो
ऐसा
करना
भी
एक
ग़लती
है
Saarthi Baidyanath
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मायूसी
और
ग़म
में
थोड़ा
अन्तर
है
आँसू
और
शबनम
में
थोड़ा
अन्तर
है
Saarthi Baidyanath
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मायूसी
और
ग़म
में
थोड़ा
अंतर
है
आँसू
और
शबनम
में
थोड़ा
अंतर
है
इतने
सारे
मौसम
हैं
इस
धरती
पर
लेकिन
हर
मौसम
में
थोड़ा
अंतर
है
वैसे
तो
कई
मायने
में
हम
एक
से
हैं
फिर
भी
तुम
में
हम
में
थोड़ा
अंतर
है
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Saarthi Baidyanath
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