main ne tum ko kya samjha hai aisa tum ne socha kya | मैं ने तुम को क्या समझा है ऐसा तुम ने सोचा क्या

  - Saadullah Khan Asar Malkapur
मैंनेतुमकोक्यासमझाहैऐसातुमनेसोचाक्या
तुमकैसेहोतुमक्याक्याहोआईनाभीदेखाक्या
मुझसेबेहतरहोंगेलाखोंमैंलाखोंमेंबेहतरहूँ
इसउलझनमेंपड़नाभीक्याइसउलझनमेंरक्खाक्या
मंदिरमस्जिदबननागिरनासबमतलबकीबातेंहैं
दोनोंहीअल्लाहकेघरहैंकौनबताएअच्छाक्या
कबतकझूटीआसपेजीकेदिलकेफफूलेफोड़ेगा
ख़ुद्दारीकोबेचनेवालेआख़िरतेराहोगाक्या
हमनेमानाबस्तीबस्तीआज'असर'काचर्चाहै
उसबादलकाज़िक्रकीजेजोगरजावोबरसाक्या
  - Saadullah Khan Asar Malkapur
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