sach to ye hai ki kisi se bhi sifaarish nahin ki | सच तो ये है, कि किसी से भी सिफ़ारिश नहीं की

  - रूपम कुमार 'मीत'
सचतोयेहै,किकिसीसेभीसिफ़ारिशनहींकी
अपनीपरवाज़पेहमनेकभीबंदिशनहींकी
उसकीनज़रोंमेंबराबरहैंसभीयकसाँहैं
रबनेमुनकिरपेकभीसंगकीबारिशनहींकी
मेरीमिट्टीकोउठाकरयेमेराकूज़ा-गर
शक्लदेनेलगापरचाकनेगर्दिशनहींकी
एकहीशहरमेंहमदोनोंकाहैघरफिरभी
हमनेइकदूसरेसेमिलनेकीख़्वाहिशनहींकी
इतनेख़ुद्दारथेहमअपनेहीमालिककेहुजूर
हाथफैलाएमगरहोंटोंनेजुम्बिशनहींकी
काग़ज़ीरोटियोंसेभूखमिटालीहमने
अपनीग़ुरबतकीकहींपरभीनुमाइशनहींकी
हसरत-ए-दीदकासरमायाबहुतहैहमको
वक़्तनेतुझसेमिलानेकीजोकोशिशनहींकी
  - रूपम कुमार 'मीत'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy