hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rizwan Khoja "Kalp"
raushni mat kar charaaghon ke sahaare
raushni mat kar charaaghon ke sahaare | रौशनी मत कर चराग़ों के सहारे
- Rizwan Khoja "Kalp"
रौशनी
मत
कर
चराग़ों
के
सहारे
कर
उजाला
नूर-ए-ईमाँ
को
जला
कर
- Rizwan Khoja "Kalp"
Download Sher Image
मुख़्तसर
होते
हुए
भी
ज़िन्दगी
बढ़
जाएगी
माँ
की
आँखें
चूम
लीजे
रौशनी
बढ़
जाएगी
Munawwar Rana
Send
Download Image
32 Likes
धूप
ये
अठखेलियाँ
हर
रोज़
करती
है
एक
छाया
सीढ़ियाँ
चढ़ती
उतरती
है
यह
दिया
चौरास्ते
का
ओट
में
ले
लो
आज
आँधी
गाँव
से
हो
कर
गुज़रती
है
Read Full
Dushyant Kumar
Send
Download Image
18 Likes
जिस
किसी
से
तेरा
चक्कर
चल
रहा
था
उसको
मैं
अच्छी
तरह
से
जानता
था
रातें
रौशन
थी
किसी
की
तुझ
सेे
दिलबर
तो
किसी
का
तेरे
बा'इस
रत-जगा
था
Read Full
Dileep Kumar
Send
Download Image
2 Likes
ये
करिश्मा
हुआ
चूमने
से
उसे
तीरगी
पर
खुली
रोशनी
की
समझ
Neeraj Neer
Send
Download Image
13 Likes
धूप
में
निकलो
घटाओं
में
नहा
कर
देखो
ज़िंदगी
क्या
है
किताबों
को
हटा
कर
देखो
Nida Fazli
Send
Download Image
133 Likes
धूप
निकली
है
बारिशों
के
ब'अद
वो
अभी
रो
के
मुस्कुराए
हैं
Anjum Ludhianvi
Send
Download Image
31 Likes
मैं
तो
जस्सर
और
भी
रौशन
हुआ
जब
किसी
ने
भी
बुझाया
देर
तक
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
0 Likes
यह
जानते
हैं
हम
या
ख़ुदा
जानता
है
बस
कैसे
निकल
के
आए
हैं
उस
तीरगी
से
हम
Amaan Pathan
Send
Download Image
10 Likes
सफ़र
में
धूप
तो
होगी
जो
चल
सको
तो
चलो
सभी
हैं
भीड़
में
तुम
भी
निकल
सको
तो
चलो
Nida Fazli
Send
Download Image
49 Likes
हर
इक
मकाँ
में
जला
फिर
दिया
दिवाली
का
हर
इक
तरफ़
को
उजाला
हुआ
दिवाली
का
Nazeer Akbarabadi
Send
Download Image
27 Likes
Read More
लोग
उस
पर
ही
फिसलते
हैं
रास्ते
जो
सीधे
चलते
हैं
ले
गया
जब
फूल
भौंरा
तो
गुल-फ़िशाँ
अब
हाथ
मलते
हैं
अपने
दम
पर
है
मुकम्मल
हम
लोग
फिर
भी
हम
से
जलते
हैं
शाह
जब
नाकाम
बन
बैठे
नाम
शहरों
के
बदलते
हैं
Read Full
Rizwan Khoja "Kalp"
Download Image
0 Likes
साहिब-ए-मसनद
ग़ुलामी
चाहते
हैं
शाह
वाले
सर
झुका
के
अब
चला
कर
Rizwan Khoja "Kalp"
Send
Download Image
0 Likes
उम्र
भर
मैं
ने
की
है
इबादत
तिरी
इश्क़
की
तब
हुई
है
इनायत
तिरी
Rizwan Khoja "Kalp"
Send
Download Image
0 Likes
फ़ासला
हम
में
बस
इतना
रह
गया
इश्क़
में
हम
से
जताना
रह
गया
Rizwan Khoja "Kalp"
Send
Download Image
0 Likes
जवानी
के
दिन
फिर
से
जी
लें
चलो
बैठ
के
चाय
पी
लें
Rizwan Khoja "Kalp"
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khafa Shayari
Dipawali Shayari
Faith Shayari
Zakhm Shayari
Faasla Shayari