ishq kar ke roz us | इश्क़ कर के रोज़ उस

  - Rizwan Khoja "Kalp"
इश्क़करकेरोज़उस
मेंतूजलाकर
कोईमंज़िलहीनहींबसतूचलाकर
सोचताहूँदर्दअपनेफूँकडालूँ
जिस्मतेरासर्दरातोंमेंजलाकर
साहिब-ए-मसनदग़ुलामीचाहतेहैं
शाहवालेसरझुकाकेअबचलाकर
  - Rizwan Khoja "Kalp"
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