इश्क़करकेरोज़उस
मेंतूजलाकर
कोईमंज़िलहीनहींबसतूचलाकर
सोचताहूँदर्दअपनेफूँकडालूँ
जिस्मतेरासर्दरातोंमेंजलाकर
साहिब-ए-मसनदग़ुलामीचाहतेहैं
शाहवालेसरझुकाकेअबचलाकर
रौशनीमतकरचराग़ोंकेसहारे
करउजालानूर-ए-ईमाँकोजलाकर
लोगचाहेज़ुल्मबरपाएतुझीपर
मुस्कुराकेउनसभीकातूभलाकर