मैंजबभीयादकीशमएँजलाकेरखतीहूँ
येमेरीज़िदहैकिआगेहवाकेरखतीहूँ
मैंटूटसकतीहूँलेकिनमैंझुकनहींसकती
शिकस्त-ए-ज़ातमेंपहलूअनाकेरखतीहूँ
वोबादबाँहैअगरकश्ती-ए-मोहब्बतका
मैंबादबानसेरिश्तेहवाकेरखतीहूँ
नहींहैघरमेंतेरीयादकेअलावाकुछ
तोकिसकेसामनेचायबनाकेरखतीहूँ
तुम्हारेख़तहैंमहकतेगुलाबकेमानिंद
वोऔरखुलतेहैंजितनाछुपाकेरखतीहूँ
जोकहनाचाहतीहूँवोतोकहनहींपाती
ज़बाँपेतज़्किरेआब-ओ-हवाकेरखतीहूँ
मैंजानतीहूँकिआनानहींकिसीने'क़मर'
मगरमुंडेरपेशमएँजलाकेरखतीहूँ