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Mr Smile
meraa dil jala liya hai teraa dil bacha liya hai
meraa dil jala liya hai teraa dil bacha liya hai | मेरा दिल जला लिया है तेरा दिल बचा लिया है
- Mr Smile
मेरा
दिल
जला
लिया
है
तेरा
दिल
बचा
लिया
है
मुझे
है
ख़ुमार
तेरा
तुझे
सर
चढा
लिया
है
तुझे
बोल
के
विदा
मैं
बड़ा
ही
तड़प
रहा
था
अभी
तो
सहे
न
दिल
ये
तेरे
पास
आ
लिया
है
कई
एक
साथ
मिल
के
यहाँ
घर
लगे
बनाने
मेरी
तो
बनी
न
उन
सेे
अभी
घर
जला
लिया
है
- Mr Smile
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उस
की
बेचैनी
बढ़ाना
चाहती
हूँ
सुनिए
कह
कर
चुप
लगाना
चाहती
हूँ
Pooja Bhatia
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मेरी
बेचैनी
का
आलम
मेरी
बेचैनी
से
पूछो
मेरे
चहरे
से
पूछोगे
कहेगा
ठीक
है
सब
कुछ
Aqib khan
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उसे
बेचैन
कर
जाऊँगा
मैं
भी
ख़मोशी
से
गुज़र
जाऊँगा
मैं
भी
Ameer Qazalbash
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जिसने
बेचैनियाँ
दी
हैं
मुझे
बेचैन
रहे
मैंने
रो-रो
के
ख़ुदास
ये
दु'आ
माँगी
है
Shajar Abbas
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बन
कर
कसक
चुभती
रही
दिल
में
मिरे
इक
आह
थी
ऐ
हम–नफ़स
मेरे
मुझे
तुझ
सेे
वफ़ा
की
चाह
थी
Dhiraj Singh 'Tahammul'
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भोले
बन
कर
हाल
न
पूछ
बहते
हैं
अश्क
तो
बहने
दो
जिस
से
बढ़े
बेचैनी
दिल
की
ऐसी
तसल्ली
रहने
दो
Arzoo Lakhnavi
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मेरे
महबूब
मत
बेचैन
होना
तेरे
क़ासिद
ने
ख़त
पहुँचा
दिया
है
Shajar Abbas
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वो
तड़प
जाए
इशारा
कोई
ऐसा
देना
उस
को
ख़त
लिखना
तो
मेरा
भी
हवाला
देना
Azhar Inayati
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हर
एक
चौखट
खुली
हुई
थी
हर
इक
दरीचा
खुला
हुआ
था
कि
उसकी
आमद
पे
दर
यहाँ
तक
कि
बेघरों
का
खुला
हुआ
था
ये
तेरी
हम्म
ने
हमें
ही
उलझन
में
डाल
रक्खा
है
वरना
हम
पर
तमाम
साइंस
के
फ़लसफ़ों
का
हर
एक
चिट्ठा
खुला
हुआ
था
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Saad Ahmad
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कोई
दीवाना
कहता
है
कोई
पागल
समझता
है
मगर
धरती
की
बेचैनी
को
बस
बादल
समझता
है
Kumar Vishwas
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अभी
ख़ुद-कुशी
तुमने
करनी
बहुत
है
ज़वानी
तो
हमने
भी
देखी
बहुत
है
अदाओं
पे
उसके
तो
तुम
मत
पिघलना
अदाओं
में
उसके
रवानी
बहुत
है
तुम्हारे
अभी
तो
नहीं
साथ
कोई
ज़रा
सा
चलोगे
तो
राही
बहुत
है
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Mr Smile
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ख़ूब-सूरत
परिंदों
के
पर
काटकर
क्या
ही
मिलता
है
आख़िर
हुनर
काटकर
माँ
ने
मेरी
सिखाया
हमेशा
यही
घर
में
आना
नहीं
कोई
घर
काटकर
पहले
करके
दिवाना
मुझे
प्रेम
में
चल
पड़ा
फिर
मेरा
वो
जिगर
काटकर
चल
रहा
बन
के
साथी
यही
प्यार
था
तुमने
की
बेवफा़ई
सफ़र
काटकर
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Mr Smile
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मैं
तो
आया
हूँ
लूटने
महफ़िल
महफ़िल
भी
तेरे
ही
हक़
में
है
Mr Smile
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साहिल
भी
तेरे
ही
हक़
में
है
मंज़िल
भी
तेरे
ही
हक़
में
है
इक
दिल
को
ही
अपना
माना
था
अब
दिल
भी
तेरे
ही
हक़
में
है
चाँद
सितारे
तो
हक़
में
हैं
ही
झिलमिल
भी
तेरे
ही
हक़
में
है
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Mr Smile
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ख़ूब-सूरत
परिंदों
के
पर
काटकर
क्या
ही
मिलता
है
आख़िर
हुनर
काटकर
Mr Smile
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