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Raushan miyaa'n
mire har qadam par mirii jaañ ke dushman
mire har qadam par mirii jaañ ke dushman | मिरे हर क़दम पर मिरी जाँ के दुश्मन
- Raushan miyaa'n
मिरे
हर
क़दम
पर
मिरी
जाँ
के
दुश्मन
मिरे
हक़
में
कोई
अदालत
नहीं
है
- Raushan miyaa'n
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है
दु'आ
जल्दी
जन्नत
अता
हो
तुझे
तू
मेरे
इश्क़
का
इश्क़
है
ऐ
रक़ीब
Prit
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दश्त
छोड़े
हुए
अब
तो
अर्सा
हुआ
मैं
हूँ
मजनूँ
मगर
नाम
बदला
हुआ
मुझको
औरत
के
दुख
भी
पता
हैं
कि
मैं
एक
लड़का
हूँ
बेवा
का
पाला
हुआ
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Rishabh Sharma
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लुत्फ़
आता
है
बहुत
सोच
के
मुझको
कि
रक़ीब
रंगत-ए-लब
को
तेरी
पान
समझते
होंगे
Ameer Imam
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मुझ
से
नफ़रत
है
अगर
उस
को
तो
इज़हार
करे
कब
मैं
कहता
हूँ
मुझे
प्यार
ही
करता
जाए
Iftikhar Naseem
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ज़िन्दगी,
यूँँ
भी
गुज़ारी
जा
रही
है
जैसे,
कोई
जंग
हारी
जा
रही
है
जिस
जगह
पहले
से
ज़ख़्मों
के
निशां
थे
फिर
वहीं
पे
चोट
मारी
जा
रही
है
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Azm Shakri
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दुश्मनी
का
सफ़र
इक
क़दम
दो
क़दम
तुम
भी
थक
जाओगे
हम
भी
थक
जाएँगे
Bashir Badr
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सूरज
से
जंग
जीतने
निकले
थे
बेवक़ूफ़
सारे
सिपाही
मोम
के
थे
घुल
के
आ
गए
Rahat Indori
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जंग
अपनों
के
बीच
जारी
है
सबके
हाथों
में
इक
कटारी
है
छत
हो
दीवार
हो
कि
दरवाज़ा
सबकी
अपनी
ही
ज़िम्मेदारी
है
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Santosh S Singh
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इश्क़
तू
ने
बड़ा
नुक़सान
किया
है
मेरा
मैं
तो
उस
शख़्स
से
नफ़रत
भी
नहीं
कर
सकता
Liaqat Jafri
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रंग
बदला
यार
ने
वो
प्यार
की
बातें
गईं
वो
मुलाक़ातें
गईं
वो
चाँदनी
रातें
गईं
Hafeez Jalandhari
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कोई
ज़बान
उठा
बादशाह
से
ये
कहे
ग़रीब
बैठा
हथेली
पे
दिन
गिनेगा
क्या
Raushan miyaa'n
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चराग़-ए-राह
ले
जाओ
पर
इक
एहसाँ
किए
जाओ
हमारे
शहर
के
इंसाँ
को
तुम
इंसाँ
किए
जाओ
Raushan miyaa'n
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इस
वजह
से
उछल
रहा
हूँ
मैं
ना-समझ
था
सँभल
रहा
हूँ
मैं
हार
जाता
हूँ
चलने
से
जिस
को
फिर
वही
चाल
चल
रहा
हूँ
मैं
थाम
ले
हाथ
कोई
अब
मेरा
आदमी
हूँ
फिसल
रहा
हूँ
मैं
मुझको
ख़ुद
पे
यक़ीं
नहीं
होता
दिन-ब-दिन
जूँ
बदल
रहा
हूँ
मैं
आपको
कुछ
ख़याल
भी
है
मिरा
आप
के
पीछे
चल
रहा
हूँ
मैं
एक
ख़्वाहिश
के
वास्ते
'रौशन'
एक
ख़्वाहिश
कुचल
रहा
हूँ
मैं
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Raushan miyaa'n
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मतलबी
शा'इरी
नहीं
करता
हम-सुख़न
ख़ुद-कुशी
नहीं
करता
आज
उस
सेे
पड़ा
है
काम
मुझे
बात
जो
काम
की
नहीं
करता
इतनी
चाहत
से
नोचता
है
कोई
चीखने
तक
को
जी
नहीं
करता
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Raushan miyaa'n
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इक
लड़की
के
चक्कर
में
मिरी
रातें
काली
होती
थी
फ़ीलिंग
सच्ची
होती
थी
बस
चैटिंग
जाली
होती
थी
Raushan miyaa'n
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