तुमपुरुषहो,डररहेहोव्यर्थहीसंसारसे
जीतलेतेहोनहींक्यूँत्यागसेउपकारसे
सिरकटाकरजीउठाउसदीपकीदेखोदशा
दबरहाथाजोअँधेरेकेनिरंतरभारसे
पिसगईतबप्रेमिकाकेहाथचढ़चूमीगई
मानमेहँदीकोमिलाहैप्राणकेउपहारसे
तनदिया,पीसागयाअंजनबनातबकामका
तबउसेरक्खादृगोंमेंप्रेमियोंनेप्यारसे
लेखनीनेजीभदीतबवोमिलीभाषाउसे
जोअमरबनकरबचातीसृष्टिकोसंसारसे
प्रेमकेपथमेंयहाँतोहारहीमेंजीतहै
भक्तकोभगवानमिलतेहैंहृदयकीहारसे