पाकचेहरोंमेंनज़रआताहैकोईकोई
बा-वज़ूहोकेभीदिखलाताहैकोईकोई
आलम-ए-हश्रकीनौबतहैतोयेसुनलीजे
बा-वफ़ाहोकेभीपछताताहैकोईकोई
अपनेअंदाज़-ए-बयाँकोयूँँसँभालोयारो
बज़्म-ए-जानाँसेभीउठजाताहैकोईकोई
मेरीपुरज़ोरमुहब्बतकामज़ालोयारो
रक़्स-ए-वहशतमेंउतरआताहैकोईकोई
आपअपनीभीज़रासोचिएगाक्याहोगा
मुझकोहरबारहीमिलजाताहैकोईकोई
बे-वफ़ाहोनेकीजल्दीनकरोऐजानाँ
बे-वफ़ाहोकेपलटआताहैकोईकोई