shab-e-gham dil meraa bahla rahi thii | शब-ए-ग़म दिल मेरा बहला रही थी

  - Rakesh Mahadiuree
शब-ए-ग़मदिलमेराबहलारहीथी
तुम्हारीयादमुझकोरहीथी
मुझेकलरातजानेक्याहुआथा
लबोंपेआगलगतीजारहीथी
वोमेरेपासहीबैठाथालेकिन
मुझेइकयादउसकीखारहीथी
मुझेकुछपलकोऐसालगरहाथा
किमेरीनब्ज़डूबीजारहीथी
किसीकेवास्तेमरतेनहींहैं
मुझेकलज़िन्दगीसमझारहीथी
जिसेमैंनींदमेंमिलताथाअक्सर
वोलड़कीदूरचलतीजारहीथी
क़मरअंबरमेंउड़ताजारहाथा
मुहब्बतदिलमेरादहलारहीथी
  - Rakesh Mahadiuree
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