hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
isliye tishnagi ja ruki mod par
isliye tishnagi ja ruki mod par | इसलिए तिश्नगी जा रुकी मोड़ पर
- Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
इसलिए
तिश्नगी
जा
रुकी
मोड़
पर
दिख
गई
थी
मुझे
बेबसी
मोड़
पर
कल
मेरे
साथ
इक
हादसा
हो
गया
कल
वो
इक
आइना
रख
गई
मोड़
पर
मैं
जुदाई
के
मौक़े
पे
जाता
रहा
रोज़
होती
रही
ख़ुद-कुशी
मोड़
पर
इश्क़
वालों
ने
ग़म
की
डगर
को
चुना
नाज़नीं
हाथ
देती
रही
मोड़
पर
देखकर
राह
को
मुस्कुराती
रही
थक
के
बैठी
हुई
ज़िंदगी
मोड़
पर
बस
इसी
एक
उम्मीद
पे
मैं
जिया
मिल
ही
जाएगी
मंज़िल
किसी
मोड़
पर
- Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
Download Ghazal Image
वो
राही
हूँ
पलभर
के
लिए,
जो
ज़ुल्फ़
के
साए
में
ठहरा,
अब
ले
के
चल
दूर
कहीं,
ऐ
इश्क़
मेरे
बेदाग
मुझे
।
Raja Mehdi Ali Khan
Send
Download Image
22 Likes
जब
भी
कोई
मंज़िल
हासिल
करता
हूँ
याद
बहुत
आती
हैं
तेरी
ता'रीफ़ें
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
37 Likes
जिस
मौसम
में
भीगना
है
हम
दोनों
को
उस
मौसम
में
पूछ
रही
हो
छाता
है
Zubair Alam
Send
Download Image
39 Likes
निगाहें
फेर
ली
घबरा
के
मैंने
वो
तुम
से
ख़ूब-सूरत
लग
रही
थी
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
122 Likes
नहीं
निगाह
में
मंज़िल
तो
जुस्तुजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
49 Likes
मुझे
एक
लाश
कहकर
न
बहाओ
पानियों
में
मेरा
हाथ
छू
के
देखो
मेरी
नब्ज़
चल
रही
है
Azm Shakri
Send
Download Image
38 Likes
ग़ुबार-ए-वक़्त
में
अब
किस
को
खो
रही
हूँ
मैं
ये
बारिशों
का
है
मौसम
कि
रो
रही
हूँ
मैं
Shahnaz Parveen Sahar
Send
Download Image
36 Likes
बंद
कमरा,
सर
पे
पंखा,
तीरगी
है
और
मैं
एक
लड़ाई
चल
रही
है
ज़िंदगी
है
औऱ
मैं
Shadab Asghar
Send
Download Image
11 Likes
ये
शाम
ख़ुशबू
पहन
के
तेरी
ढली
है
मुझ
में
जो
रेज़ा
रेज़ा
मैं
क़तरा
क़तरा
पिघल
रही
हूँ
ख़मोश
शब
के
समुंदरों
में
Read Full
Kiran K
Send
Download Image
1 Like
'अंजुम'
तुम्हारा
शहर
जिधर
है
उसी
तरफ़
इक
रेल
जा
रही
थी
कि
तुम
याद
आ
गए
Anjum Rehbar
Send
Download Image
25 Likes
Read More
हम
सेफ़र
के
गुनाह
भी
अच्छे
पाँव
रस्तों
में
ही
छिले
होंगे
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
Send
Download Image
4 Likes
आप
ही
मुझ
को
रस्ते
पे
लाए
थे
और
आप
ही
कह
गए
आगे
अब
कुछ
नहीं
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
Send
Download Image
0 Likes
मैं
तेरा
और
तू
मेरा
न
हुआ
पर
ये
तो
ठीक
फ़ैसला
न
हुआ
हाल
तो
ठीक
है
मगर
ये
न
पूछ
बाद
तेरे
यहाँ
पे
क्या
न
हुआ
मैं
वो
पत्ता
हूँ
इक
दरख़्त
का
जो
ना-तवाँ
होके
भी
जुदा
न
हुआ
इश्क़
का
काम
दे
दिया
उसको
क्या
पता
अब
हुआ
हुआ
न
हुआ
ज़िन्दगी
सहल
हो
गई
मेरे
बाद
फिर
मुसीबत
से
सामना
न
हुआ
इक
मेरा
दुख
है
और
वो
ये
कि
मैं
भूलकर
भी
तुझे
फ़ना
न
हुआ
तेरा
तू
जान
पर
मेरे
लिए
तो
तू
बुरा
हो
के
भी
बुरा
न
हुआ
Read Full
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
Download Image
1 Like
कहीं
ख़ुद
को
नहीं
बाँटा
अभी
तक
तेरा
ही
है
तेरा
हिस्सा
अभी
तक
तेरे
बिन
ख़ाक
गुज़रेगी
मेरी
उम्र
तेरे
बिन
दिन
नहीं
गुज़रा
अभी
तक
तेरे
होते
हुए
भी
दुनिया
देखी
इन
आँखों
ने
भी
क्या
देखा
अभी
तक
अभी
भी
बस
ये
धोके
खा
रहा
है
ये
अपना
दिल
नहीं
सुधरा
अभी
तक
मैं
सच
नंगा
हूँ
अब
भी
पर
तू
ये
देख
नहीं
झूठा
लिबास
ओढ़ा
अभी
तक
रक़ीब
इस
वास्ते
भी
सुनता
है
राय
जहाँ
वो
है
वहाँ
मैं
था
अभी
तक
उसे
मुझ
से
ज़ियादा
ग़म
है
उस
ने
एक
आँसू
भी
नहीं
ख़र्चा
अभी
तक
लगी
थी
प्यास
तो
पानी
लगा
साफ़
अगरचे
था
तो
ये
गदला
अभी
तक
जलाती
धूप
का
दिन
और
बचा
है
मेरे
ही
साथ
है
साया
अभी
तक
न
कोस
इन
रास्तों
को
मान
रजनीश
तुझे
चलना
नहीं
आया
अभी
तक
Read Full
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
Download Image
1 Like
तुम्हें
मुझ
से
बिछड़कर
क्या
मिला
है
ख़ुद
ही
देखो
ना
तुम
अब
भी
पहले
से
ना-ख़ुश
हो
और
मुझ
से
जुदा
भी
हो
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Qatil Shayari
Majboori Shayari
Khushboo Shayari
Justaju Shayari
Maut Shayari