नमंज़िलेंथींनकुछदिलमेंथानसरमेंथा
अजबनज़ारा-ए-ला-सम्तियतनज़रमेंथा
इताबथाकिसीलम्हेकाइकज़मानेपर
किसीकोचैननबाहरथाऔरनघरमेंथा
छुपाकेलेगयादुनियासेअपनेदिलकेघाव
किएकशख़्सबहुतताक़इसहुनरमेंथा
किसीकेलौटनेकीजबसदासुनीतोखुला
किमेरेसाथकोईऔरभीसफ़रमेंथा
कभीमैंआबकेतामीर-कर्दाक़स्रमेंहूँ
कभीहवामेंबनाएहुएसेघरमेंथा
झिजकरहाथावोकहनेसेकोईबातऐसी
मैंचुपखड़ाथाकिसबकुछमेरीनज़रमेंथा
यहीसमझकेउसेख़ुदसदानदीमैंने
वोतेज़-गामकिसीदूरकेसफ़रमेंथा
कभीहूँतेरीख़मोशीकेकटतेसाहिलपर
कभीमैंलौटतीआवाज़केभँवरमेंथा
हमारीआँखमेंआकरबनाइकअश्कवोरंग
जोबर्ग-ए-सब्ज़केअंदरनशाख़-ए-तरमेंथा
कोईभीघरमेंसमझतानथामेरेदुखसुख
एकअजनबीकीतरहमैंख़ुदअपनेघरमेंथा
अभीनबरसेथे'बानी'घिरेहुएबादल
मैंउड़तीख़ाककीमानिंदरहगुज़रमेंथा