शोला इधर उधर कभी साया यहीं कहीं

  - Rajinder Manchanda Bani
शोलाइधरउधरकभीसायायहींकहीं
होगावोबर्क़-जिस्मसुबुक-पायहींकहीं
किनपानियोंकाज़ोरउसेकाटलेगया
देखाथाहमनेएकजज़ीरायहींकहीं
मंसूबजिससेहोसकाकोईहादसा
गुमहोकेरहगयाहैवोलम्हायहींकहीं
आवारगीकाडरकोईडूबनेकाख़ौफ़
सहराहीआस-पासदरियायहींकहीं
वोचाहतायेहोगाकिमैंहीउसेबुलाऊँ
मेरीतरहवोफिरताहैतन्हायहींकहीं
'बानी'ज़रासँभलकेमोहब्बतकामोड़काट
इकहादसाभीताकमेंहोगायहींकहीं
  - Rajinder Manchanda Bani
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