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Atul K Rai
tumhaare prem ka apmaan hogaa isliye jaanaan
tumhaare prem ka apmaan hogaa isliye jaanaan | तुम्हारे प्रेम का अपमान होगा इसलिए जानाँ
- Atul K Rai
तुम्हारे
प्रेम
का
अपमान
होगा
इसलिए
जानाँ
हमें
रोना
तो
आता
है
मगर
रोते
नहीं
हैं
हम
- Atul K Rai
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मैं
चाहता
था
मुझ
सेे
बिछड़
कर
वो
ख़ुश
रहे
लेकिन
वो
ख़ुश
हुआ
तो
बड़ा
दुख
हुआ
मुझे
Umair Najmi
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उम्र
भर
मेरी
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
जो
सबब
मेरी
ख़मोशी
के
लिए
काफ़ी
है
जान
दे
देंगे
अगर
आप
कहेंगे
हम
सेे
जान
देना
ही
मु'आफ़ी
के
लिए
काफ़ी
है
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Aakash Giri
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वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
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Shikha Pachouly
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रोना
पड़ेगा
बैठ
के
अब
देर
तक
मुझे
मैं
कहा
रहा
था
आपसे,
हँस
कर
न
देखिए
Munawwar Rana
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मेरे
नादाँ
दिल
उदासी
कोई
अच्छी
शय
नहीं
देख
सूखे
फूल
पर
आती
नहीं
हैं
तितलियाँ
Deepak Vikal
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दूजों
का
दुख
समझने
को
बे
हद
ज़रूरी
है
थोड़ी
सही
प
दिल
में
अज़ीयत
बनी
रहे
Afzal Ali Afzal
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मुझे
रोना
नहीं
आवाज़
भी
भारी
नहीं
करनी
मोहब्बत
की
कहानी
में
अदाकारी
नहीं
करनी
Afzal Khan
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हम
कुछ
ऐसे
उसके
आगे
अपनी
वफ़ा
रख
देते
हैं
बच्चे
जैसे
रेल
की
पटरी
पर
सिक्का
रख
देते
हैं
तस्वीर-ए-ग़म,
दिल
के
आँसू,
रंजो-नदामत,
तन्हाई
उसको
ख़त
लिखते
हैं
ख़त
में
हम
क्या
क्या
रख
देते
हैं
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Subhan Asad
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हँसते
हँसते
निकल
पड़े
आँसू
रोते
रोते
कभी
हँसी
आई
Anwar Taban
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दुख
की
दीमक
अगर
नहीं
लगती
ज़िन्दगी
किस
क़द्र
हसीं
लगती
वस्ल
को
लॉटरी
समझता
हूँ
लॉटरी
रोज़
तो
नहीं
लगती
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Azbar Safeer
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उसपे
हम
चीख़
ही
नहीं
सकते
उसकी
चुप्पी
कमाल
करती
है!
Atul K Rai
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सुलहनामा
पे
हस्ताक्षर
करो
अब
लड़ाई
सिर्फ़
इक
रस्ता
नहीं
है
Atul K Rai
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नई
सड़कें
बिछाना
चाहते
थे
बगीचा
काट
खाना
चाहते
थे
ज़बरदस्ती
रिहाई
मिल
रही
है
उन्हें
जो
क़ैदखाना
चाहते
थे
कहाँ
आकर
रुके
हैं
देखिये
ना
कहाँ
तक
साथ
जाना
चाहते
थे
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Atul K Rai
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उनके
लहजे
में
आग
है
साहब
ये
तो
हम
हैं
जो
भीग
जाते
हैं
Atul K Rai
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सत्य
यही
है
इक
दिन
सबको
मर
ही
जाना
है
ठीक
नहीं
पर
रोज़
यहाँ
अब
मरते
जाना
बस
Atul K Rai
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