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Atul K Rai
satya yahii hai ik din sabko mar hi jaana hai
satya yahii hai ik din sabko mar hi jaana hai | सत्य यही है इक दिन सबको मर ही जाना है
- Atul K Rai
सत्य
यही
है
इक
दिन
सबको
मर
ही
जाना
है
ठीक
नहीं
पर
रोज़
यहाँ
अब
मरते
जाना
बस
- Atul K Rai
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सच
घटे
या
बढ़े
तो
सच
न
रहे
झूट
की
कोई
इंतिहा
ही
नहीं
Krishna Bihari Noor
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तुम
मुझे
उतनी
ही
प्यारी
हो
मेरी
जाँ
जितना
प्यारा
है
कश्मीर
इस
देश
को
Alankrat Srivastava
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मुझे
उस
सेे
मुहब्बत
सच
बड़ी
महँगी
पड़ेगी
अकेलेपन
से
उसने
इश्क़
ऐसा
कर
लिया
है
Anukriti 'Tabassum'
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तुम्हें
हम
भी
सताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
तुम्हारा
दिल
दुखाने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
हमें
बदनाम
करते
फिर
रहे
हो
अपनी
महफ़िल
में
अगर
हम
सच
बताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
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Santosh S Singh
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अगर
सच
इतना
ज़ालिम
है
तो
हम
से
झूट
ही
बोलो
हमें
आता
है
पतझड़
के
दिनों
गुल-बार
हो
जाना
Ada Jafarey
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धोखा
है
इक
फ़रेब
है
मंज़िल
का
हर
ख़याल
सच
पूछिए
तो
सारा
सफ़र
वापसी
का
है
Rajesh Reddy
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कुछ
रिश्तों
में
दिल
को
आज़ादी
नइँ
होती
कुछ
कमरों
में
रौशनदान
नहीं
होता
है
Vikram Gaur Vairagi
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सच
बोलने
के
तौर-तरीक़े
नहीं
रहे
पत्थर
बहुत
हैं
शहर
में
शीशे
नहीं
रहे
Nawaz Deobandi
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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मुझ
को
ख़्वाहिश
है
उसी
शान
की
दिवाली
की
लक्ष्मी
देश
में
उल्फ़त
की
शब-ओ-रोज़
रहे
देश
को
प्यार
से
मेहनत
से
सँवारें
मिल
कर
अहल-ए-भारत
के
दिलों
में
ये
'कँवल'
सोज़
रहे
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Kanval Dibaivi
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अपनी
लाश
उठाओ
अपने
काँधे
पर
सरकारों
के
जिम्में
कुर्सी
छोड़ो
बस
Atul K Rai
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तभी
खोलेगी
दरवाज़ा
मुहब्बत
अना
से
बोल
कुंडी
खटखटाए
Atul K Rai
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जीत
हो
या
हो
हार
क्या
करना
फ़ालतू
का
प्रचार
क्या
करना
जब
प्रतिष्ठा
की
बात
आ
जाए
जंग
फिर
दरकिनार
क्या
करना
आख़िरी
तक
प्रयास
जारी
रख
बोल
मत
इंतिज़ार
क्या
करना
सोचना
ठीक
है
तुम्हारा
भी
सोचना
है
तो
प्यार
क्या
करना
प्रेम
अव्वल
है
मान
लेते
हैं
कौन
अव्वल
पे
रार
क्या
करना
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Atul K Rai
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पुराने
घाव
पर
नाखून
उसका
लग
गया
वरना
गुज़र
कर
दर्द
ये
हद
से
दवा
होने
ही
वाला
था
Atul K Rai
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उसकी
आँखों
में
इतनी
गहराई
थी
पानी
होता
तो
हम
डूब
गए
होते
Atul K Rai
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