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Atul K Rai
parvati shankar ke jaise poorn ho yah prem ya
parvati shankar ke jaise poorn ho yah prem ya | पार्वती शंकर के जैसे पूर्ण हो यह प्रेम या
- Atul K Rai
पार्वती
शंकर
के
जैसे
पूर्ण
हो
यह
प्रेम
या
हो
अधूरा
भी
तो
अव्वल
कृष्ण-राधा
की
तरह
- Atul K Rai
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मुमकिना
फ़ैसलों
में
एक
हिज्र
का
फ़ैसला
भी
था
हमने
तो
एक
बात
की
उसने
कमाल
कर
दिया
Parveen Shakir
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कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
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Tehzeeb Hafi
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ये
जो
हिजरत
के
मारे
हुए
हैं
यहाँ
अगले
मिसरे
पे
रो
के
कहेंगे
कि
हाँ
Ali Zaryoun
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मिरी
ज़िंदगी
तो
गुज़री
तिरे
हिज्र
के
सहारे
मिरी
मौत
को
भी
प्यारे
कोई
चाहिए
बहाना
Jigar Moradabadi
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मैं
अपनी
हिजरत
का
हाल
लगभग
बता
चुका
था
सभी
को
और
बस
तिरे
मोहल्ले
के
सारे
लड़के
हवा
बनाने
में
लग
गए
थे
Vikram Gaur Vairagi
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ख़ुदा
करे
कि
तिरी
उम्र
में
गिने
जाएँ
वो
दिन
जो
हम
ने
तिरे
हिज्र
में
गुज़ारे
थे
Ahmad Nadeem Qasmi
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उस
हिज्र
पे
तोहमत
कि
जिसे
वस्ल
की
ज़िद
हो
उस
दर्द
पे
ला'नत
की
जो
अशआ'र
में
आ
जाए
Vipul Kumar
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तुम्हारा
बैग
भी
तय्यार
कर
के
रक्खा
है
अकेली
हिज्र
के
आज़ार
क्यूँ
उठाऊँ
मैं
Zahraa Qarar
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तुम्हारा
हिज्र
मना
लूँ
अगर
इजाज़त
हो
मैं
दिल
किसी
से
लगा
लूँ
अगर
इजाज़त
हो
Jaun Elia
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कितना
झूठा
था
अपना
सच्चा
इश्क़
हिज्र
से
दोनों
ज़िंदा
बच
निकले
Prit
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अपनी
लाश
उठाओ
अपने
काँधे
पर
सरकारों
के
जिम्में
कुर्सी
छोड़ो
बस
Atul K Rai
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एक
धोके
ने
जहन्नुम
कर
दिया
थी
कभी
जन्नत
हमारी
ज़िंदगी
Atul K Rai
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ख़्वाब
फिर
से
ख़्वाब
होने
के
लिए
कर
रहे
तय्यार
सोने
के
लिए
आज
हमको
एक
कोना
चाहिए
बैठ
कर
चुपचाप
रोने
के
लिए
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Atul K Rai
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सब
विदाई
के
वक़्त
रोते
हैं
सोच
उस
वक़्त
हँस
रहा
था
मैं
Atul K Rai
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मर्म
हँसने
का
समझ
पाए
ज़रा
हम
देर
से
वस्ल
जिसको
कह
रहे
थे
हिज्र
की
बुनियाद
थी
Atul K Rai
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