hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Atul K Rai
do hi jaise kaam bache hon jeevan men
do hi jaise kaam bache hon jeevan men | दो ही जैसे काम बचे हों जीवन में
- Atul K Rai
दो
ही
जैसे
काम
बचे
हों
जीवन
में
इश्क़
के
मारे
रोते
हैं
या
सोते
हैं
- Atul K Rai
Download Sher Image
तू
मोहब्बत
नहीं
समझती
है
हम
भी
अपनी
अना
में
जलते
हैं
इस
दफा
बंदिशें
ज़ियादा
हैं
छोड़
अगले
जनम
में
मिलते
हैं
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
54 Likes
मैं
दौड़
दौड़
के
ख़ुद
को
पकड़
के
लाता
हूँ
तुम्हारे
इश्क़
ने
बच्चा
बना
दिया
है
मुझे
Liaqat Jafri
Send
Download Image
34 Likes
मैं
सात
साल
से
अब
तक
हिसार-ए-इश्क़
में
हूँ
वो
शख़्स
आज
भी
मेरे
दिल-ओ-दिमाग़
में
है
Amaan Haider
Send
Download Image
4 Likes
गर
अदीबों
को
अना
का
रोग
लग
जाए
तो
फिर
गुल
मोहब्बत
के
अदब
की
शाख़
पर
खिलते
नहीं
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
8 Likes
अगर
बेदाग़
होता
चाँद
तो
अच्छा
नहीं
लगता
मोहब्बत
ख़ूब-सूरत
दाग़
है,
बेदाग़
से
दिल
पर
Umesh Maurya
Send
Download Image
15 Likes
सोच
कर
पाँव
डालना
इस
में
इश्क़
दरिया
नहीं
है
दलदल
है
Renu Nayyar
Send
Download Image
37 Likes
प्यार-मोहब्बत
सीधे-सादे
रस्ते
हैं
कोई
इन
पर
चलने
को
तैयार
नहीं
Ashok Rawat
Send
Download Image
22 Likes
दुकानें
नफ़रतों
की
ख़ूब
आसानी
से
चलती
हैं
अजब
दुनिया
है
जाने
इश्क़
क्यूँ
करने
नहीं
देती
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
26 Likes
मुझ
में
थोड़ी
सी
जगह
भी
नहीं
नफ़रत
के
लिए
मैं
तो
हर
वक़्त
मोहब्बत
से
भरा
रहता
हूँ
Mirza Athar Zia
Send
Download Image
20 Likes
शहर-वालों
की
मोहब्बत
का
मैं
क़ायल
हूँ
मगर
मैंने
जिस
हाथ
को
चूमा
वही
ख़ंजर
निकला
Ahmad Faraz
Send
Download Image
33 Likes
Read More
चलेंगे
आख़िरी
तक
साथ
कहते
हैं
बहुत
लेकिन
बहुत
कम
लोग
हैं
जो
आख़िरी
तक
साथ
चलते
हैं
Atul K Rai
Send
Download Image
0 Likes
जीत
कर
लंका
हुए
वापस
अयोध्या
राम
और
एक
अरसे
से
बुझे
दीपक
सभी
जलने
लगे
Atul K Rai
Send
Download Image
0 Likes
इक
अदद
जो
घर
न
पाए
आज
तक
मर
के
भी
वो
मर
न
पाए
आज
तक
उनका
बिस्तर
था
धरा
चद्दर
गगन
क्या
हुआ
कुछ
ग़र
न
पाए
आज
तक
चार
दिन
का
ही
तो
केवल
काम
था
ख़त्म
लेकिन
कर
न
पाए
आज
तक
क्या
बताएंगे
वो
रस्ता
यार
जो
राह
में
पत्थर
न
पाए
आज
तक
Read Full
Atul K Rai
Download Image
3 Likes
वही
होगा
दुबारा
हश्र
मेरा
वही
आँखें
दुबारा
सामने
हैं
Atul K Rai
Send
Download Image
32 Likes
धरा
का
स्खलन
भारी
पड़ेगा
सुनो
यह
उत्खनन
भारी
पड़ेगा
समुंदर
का
अभी
गौना
हुआ
है
किनारे
पर
मिलन
भारी
पड़ेगा
कहाँ
तुम
गोपियों
को
जानते
थे
कहा
था
ना
गमन
भारी
पड़ेगा
चले
जाना
नियति
है
मान
लो
अब
चले
जाओ
वरन
भारी
पड़ेगा
पुराने
दिन
पुनः
अँखुआ
रहे
हैं
नये
दिन
का
सृजन
भारी
पड़ेगा
अभी
तो
शेष
है
गहनों
की
थिरकन
बिना
गहना
बदन
भारी
पड़ेगा
अतुल
तुम
ढीठ
होते
जा
रहे
हो
गुलाबी
यह
व्यसन
भारी
पड़ेगा
Read Full
Atul K Rai
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aasra Shayari
Taj Mahal Shayari
Attitude Shayari
Sarhad Shayari
Haalaat Shayari