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Atul K Rai
bo
bo | बोलिए मत चाँद तारे तोड़ लाऊँगा प्रिये
- Atul K Rai
बोलिए
मत
चाँद
तारे
तोड़
लाऊँगा
प्रिये
आप
तो
बस
हाथ
उसके
हाथ
में
रख
दीजिए
- Atul K Rai
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इश्क़
के
इज़हार
में
हर-चंद
रुस्वाई
तो
है
पर
करूँँ
क्या
अब
तबीअत
आप
पर
आई
तो
है
Akbar Allahabadi
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चाँद
का
फिर
मेरा
रस्ता
देखती
आँखें
तुम्हारी
आज
करवाचौथ
के
दिन
काश
हम
तुम
साथ
होते
Gaurav Singh
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पूछा
जो
उन
सेे
चाँद
निकलता
है
किस
तरह
ज़ुल्फ़ों
को
रुख़
पे
डाल
के
झटका
दिया
कि
यूँँ
Arzoo Lakhnavi
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छत
पे
सिगरेट
ले
के
बैठा
है
चाँद
भी
बेक़रार
है
शायद
Satya Prakash Soni
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सौ
चाँद
भी
चमकेंगे
तो
क्या
बात
बनेगी
तुम
आए
तो
इस
रात
की
औक़ात
बनेगी
Dagh Dehlvi
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नहीं
हर
चंद
किसी
गुम-शुदा
जन्नत
की
तलाश
इक
न
इक
ख़ुल्द-ए-तरब-नाक
का
अरमाँ
है
ज़रूर
बज़्म-ए-दोशंबा
की
हसरत
तो
नहीं
है
मुझ
को
मेरी
नज़रों
में
कोई
और
शबिस्ताँ
है
ज़रूर
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Asrar Ul Haq Majaz
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रोज़
तारों
को
नुमाइश
में
ख़लल
पड़ता
है
चाँद
पागल
है
अँधेरे
में
निकल
पड़ता
है
Rahat Indori
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कुछ
फ़र्क़
क्यूँँ
हो
मुझ
में
जो
रौशन
हुए
हैं
आप
जलता
नहीं
है
चाँद
सितारों
को
देखकर
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Tanoj Dadhich
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रात
भर
ता'रीफ़
मैंने
की
तुम्हारे
रूप
की
चाँद
इतना
जल
गया
सुनकर
कि
सूरज
हो
गया
Chandan Rai
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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शक
की
सुइयाँ
कल
घर
से
निकली
थीं
जो
सब
रिश्तों
में
आग
बजा
कर
लौटी
हैं
Atul K Rai
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फ़िल्में
देख
के
रो
देने
वाले
लड़के
वक़्त
रुलाए
तो
भी
हँसते
रहते
हैं
Atul K Rai
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ख़्वाब
फिर
से
ख़्वाब
होने
के
लिए
कर
रहे
तय्यार
सोने
के
लिए
आज
हमको
एक
कोना
चाहिए
बैठ
कर
चुपचाप
रोने
के
लिए
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Atul K Rai
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पागलपन
का
भूत
उतारा
जाएगा
ख़ुद
को
तेरी
याद
में
मारा
जाएगा
एक
कहानी
फिर
से
लिक्खी
जायेगी
क़िरदारों
को
फिर
से
मारा
जाएगा
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Atul K Rai
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एक
ज़मात
यहाँ
ऐसी
भी
है
जिसकी
आदत
आहिस्ता-आहिस्ता
पंख
कुतरते
जाना
बस
Atul K Rai
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