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Atul K Rai
bharosa kaun ab kis par karega aur kaise
bharosa kaun ab kis par karega aur kaise | भरोसा कौन अब किस पर करेगा और कैसे
- Atul K Rai
भरोसा
कौन
अब
किस
पर
करेगा
और
कैसे
भरोसा
तोड़ने
वाला
हमारा
यार
निकला
- Atul K Rai
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ग़रज़
कि
काट
दिए
ज़िंदगी
के
दिन
ऐ
दोस्त
वो
तेरी
याद
में
हों
या
तुझे
भुलाने
में
Firaq Gorakhpuri
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अव्वल
तो
तेरी
दोस्ती
पर
शक
नहीं
कोई
और
दूसरा
ये
मुझको
तेरे
राज़
पता
हैं
Tanoj Dadhich
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बहुत
चल
बसे
यार
ऐ
ज़िंदगी
कोई
दिन
की
मेहमान
तू
रह
गई
Dagh Dehlvi
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मकाँ
तो
है
नहीं
जो
खींच
दें
दीवार
इस
दिल
में
कोई
दूजा
नहीं
रह
पाएगा
अब
यार
इस
दिल
में
जहाँ
भर
में
लुटाते
फिर
रहे
है
कम
नहीं
होता
तुम्हारे
वास्ते
इतना
रखा
था
प्यार
इस
दिल
में
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Bhaskar Shukla
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उसको
जो
कुछ
भी
कहूँ
अच्छा
बुरा
कुछ
न
करे
यार
मेरा
है
मगर
काम
मेरा
कुछ
न
करे
दूसरी
बार
भी
पड़
जाए
अगर
कुछ
करना
आदमी
पहली
मोहब्बत
के
सिवा
कुछ
न
करे
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Abid Malik
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कल
रात
मैं
बहुत
ही
अलग
सा
लगा
मुझे
उसकी
नज़र
ने
यूँँ
मेरी
सूरत
खंगाली
दोस्त
Afzal Ali Afzal
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अब
पाँसा
यार
न
जाने
कब
हम
पर
फेंका
जाएगा
घुट
घुट
कर
जीना
पड़ता
है
हमको
प्यादा
होने
में
Sandeep dabral 'sendy'
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तन्हाई
ये
तंज
करे
है
तन्हा
क्यूँ
है
यार
कहाँ
है
आगे
पीछे
चलने
वाले
Vishal Singh Tabish
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सख़्त
सर्दी
में
ठिठुरती
है
बहुत
रूह
मिरी
जिस्म-ए-यार
आ
कि
बेचारी
को
सहारा
मिल
जाए
Farhat Ehsaas
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ज़रा
विसाल
के
बाद
आइना
तो
देख
ऐ
दोस्त
तिरे
जमाल
की
दोशीज़गी
निखर
आई
Firaq Gorakhpuri
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डूब
जाने
का
ये
मतलब
तो
नहीं
तैरने
वाला
बुरा
तैराक
था!
Atul K Rai
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ख़्वाब
फिर
से
ख़्वाब
होने
के
लिए
कर
रहे
तय्यार
सोने
के
लिए
आज
हमको
एक
कोना
चाहिए
बैठ
कर
चुपचाप
रोने
के
लिए
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Atul K Rai
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ज़ुदा
हम
हो
गए
अफ़सोस
कैसा
फ़लक
धरती
से
कब
लिपटा
दिखा
है
Atul K Rai
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फूल
बिस्तर
पर
बिछाया
जा
चुका
है
एक
तकिए
की
कमी
बस
खल
रही
है
Atul K Rai
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हिचकियों
में
कमी
आने
लगी
है
आप
कंजूस
होते
जा
रहे
हैं
Atul K Rai
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