main laakh kah doon ki aakaash hooñ zameen hooñ main | मैं लाख कह दूँ कि आकाश हूँ ज़मीं हूँ मैं

  - Rahat Indori
मैंलाखकहदूँकिआकाशहूँज़मींहूँमैं
मगरउसेतोख़बरहैकिकुछनहींहूँमैं
अजीबलोगहैंमेरीतलाशमेंमुझको
वहाँपेढूँडरहेहैंजहाँनहींहूँमैं
मैंआइनोंसेतोमायूसलौटआयाथा
मगरकिसीनेबतायाबहुतहसींहूँमैं
वोज़र्रेज़र्रेमेंमौजूदहैमगरमैंभी
कहींकहींहूँकहाँहूँकहींनहींहूँमैं
वोइककिताबजोमंसूबतेरेनामसेहै
उसीकिताबकेअंदरकहींकहींहूँमैं
सितारोआओमिरीराहमेंबिखरजाओ
येमेराहुक्महैहालाँकिकुछनहींहूँमैं
यहींहुसैनभीगुज़रेयहींयज़ीदभीथा
हज़ाररंगमेंडूबीहुईज़मींहूँमैं
येबूढ़ीक़ब्रेंतुम्हेंकुछनहींबताएँगी
मुझेतलाशकरोदोस्तोयहींहूँमैं
  - Rahat Indori
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