apne deewar-o-dar se poochte hain | अपने दीवार-ओ-दर से पूछते हैं

  - Rahat Indori
अपनेदीवार-ओ-दरसेपूछतेहैं
घरकेहालातघरसेपूछतेहैं
क्यूँँअकेलेहैंक़ाफ़िलेवाले
एकइकहम-सफ़रसेपूछतेहैं
क्याकभीज़िंदगीभीदेखेंगे
बसयहीउम्र-भरसेपूछतेहैं
जुर्महैख़्वाबदेखनाभीक्या
रात-भरचश्म-ए-तरसेपूछतेहैं
येमुलाक़ातआख़िरीतोनहीं
हमजुदाईकेडरसेपूछतेहैं
ज़ख़्मकानामफूलकैसेपड़ा
तेरेदस्त-ए-हुनरसेपूछतेहैं
कितनेजंगलहैंइनमकानोंमें
बसयहीशहरभरसेपूछतेहैं
येजोदीवारहैयेकिसकीहै
हमइधरवोउधरसेपूछतेहैं
हैंकनीज़ेंभीइसमहलमेंक्या
शाह-ज़ादोंकेडरसेपूछतेहैं
क्याकहींक़त्लहोगयासूरज
रातसेरात-भरसेपूछतेहैं
कौनवारिसहैछाँवकाआख़िर
धूपमेंहम-सफ़रसेपूछतेहैं
येकिनारेभीकितनेसादाहैं
कश्तियोंकोभँवरसेपूछतेहैं
वोगुज़रतातोहोगाअबतन्हा
एकइकरहगुज़रसेपूछतेहैं
  - Rahat Indori
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