kitna poshida hawaon ka safar rakha gaya | कितना पोशीदा हवाओं का सफ़र रक्खा गया

  - Rafiquzzaman
कितनापोशीदाहवाओंकासफ़ररक्खागया
आनेवालेमौसमोंसेबे-ख़बररक्खागया
आजभीफिरताहूँउसकीजुस्तुजूमेंहरतरफ़
कौनसीबस्तीमेंआख़िरमेराघररक्खागया
चंदमुबहमख़्वाबआँखोंमेंलिएफिरताहूँमैं
औरक्यामेरेलिएज़ाद-ए-सफ़ररक्खागया
दोस्तोंमेंकुछमिरीपहचानतोबाक़ीरहे
इसलिएमुझमेंअजबरंग-ए-हुनररखागया
उसहथेलीपरचमकतीरेतकेज़र्रेहैंअब
जिसहथेलीपरकभीगंज-ए-गुहररखागया
नोक-ए-नेज़ापरकभीतश्त-ए-रऊनतमेंकभी
हरतमाशेकेलिएमेराहीसररक्खागया
मेराअपनाख़ौफ़हीक्याकमथालेकिन'रफीक'
मेरीअपनीज़ातमेंकिसकिसकाडररक्खागया
  - Rafiquzzaman
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