हिज्र-ज़दाआँखोंसेजबआँसूनिकलेख़ामोशीसे
किसीनेसमझारातसमयदोदीपजलेख़ामोशीसे
मैंभीआगलगासकताहूँइसबरसातकेमौसममें
थोड़ीदूरतलकवोमेरेसाथचलेख़ामोशीसे
शामकीधीमीआँचमेंजबख़ुर्शीदनहाकरसोजाए
मंज़रआपसमेंमिलतेहैंख़ूबगलेख़ामोशीसे
बर्फ़कीपरतेंजबभीदेखूँमैंऊँचीदीवारोंपर
जिस्मसुलगनेलगताहैऔरदिलपिघलेख़ामोशीसे
चाहतकेफिरफूलखिलेंगेआपकीयेख़ुश-फ़हमीहै
कपड़ेमेरेसामनेमौसमनेबदलेख़ामोशीसे
दिनकेउजालोंमेंशायदमैंख़ुदसेबिछड़ारहताहूँ
रातकीतारीकीमेंइकख़्वाहिशमचलेख़ामोशीसे
जबभीनादीदासपनोंनेमनआँगनमेंरक़्सकिया
तेरीयादकेजुगनूचमकेरातढलेख़ामोशीसे
मुल्क-ए-सुख़नकेशहज़ादोंकीसफ़मेंखड़ाहोजाएगा
गरतिरेलहजेकीधड़कनख़ुश्बूउगलेख़ामोशीसे