koi itnaa be-sahaara kaise ho saka hai yaar | कोई इतना बे-सहारा कैसे हो सकता है यार

  - Rafia Zainab
कोईइतनाबे-सहाराकैसेहोसकताहैयार
एकमंज़रपरगुज़ाराकैसेहोसकताहैयार
ख़ाकपानीऔरसबाकाभीतोकुछहिस्सारहे
फूलआख़िरबसतुम्हाराकैसेहोसकताहैयार
इश्क़मेंहोवस्लयाकेहिज्रदोनोंहैंबजा
दिलकासौदाहैख़साराकैसेहोसकताहैयार
मौतसेपहलेकरूँँतौबामैंयाद-ए-यारसे
मुझसेमजनूँकोगवाराकैसेहोसकताहैयार
तुझकोचाहेजोमैंउसपरवारदूँदुनियाजहाँ
इससेबढ़करकोईप्याराकैसेहोसकताहैयार
  - Rafia Zainab
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