koi pahra laga nahin hota | कोई पहरा लगा नहीं होता

  - Rafat Shameem
कोईपहरालगानहींहोता
मैंहीफिरभीरहानहींहोता
ख़ूनदिलकाहुआतोयेजाना
नक़्शक्यूँँदेर-पानहींहोता
वक़्तक्यूँँहैग़ुबारआँखोंमें
अक्सभीआश्नानहींहोता
कुछतोदिलसेकहाहैआँखोंने
ज़ख़्म-ए-दिलक्याहरानहींहोता
फिरउसेहीतलाशकरताहूँ
जिसकाकोईपतानहींहोता
जोभीअपनीज़बाँसेदेतावो
ज़ाइक़ाबद-मज़ानहींहोता
  - Rafat Shameem
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