नियाज़-ए-इश्क़सेनाज़-ए-बुताँतकबातजापहुँची
ज़मींकातज़्किराथाआसमाँतकबातजापहुँची
मोहब्बतमेंकहींइकराज़-दाँतकबातजापहुँची
बसअबक्याथाज़मानेकीज़बाँतकबातजापहुँची
ज़मानाताड़लेगामैंनकहताथायेअबसमझे
मुझेदीवानाकहनेसेकहाँतकबातजापहुँची
निज़ाम-ए-मयकदापरतब्सिरेऔरहोशवालोंमें
यहींसेअज़्मत-ए-पीर-ए-मुग़ाँतकबातजापहुँची
सुनायेथाकिचश्मकबिजलियोंकोहैबहारोंसे
हुआयेहैकिमेरेआशियाँतकबातजापहुँची
रह-ए-मंज़िलमेंऐरहरहकेहिम्मतहारनेवाले
ख़बरभीहैकिमीर-ए-कारवाँतकबातजापहुँची