ghamon se rishta hai apna bhi dosti ki tarah | ग़मों से रिश्ता है अपना भी दोस्ती की तरह

  - Raees Akhtar
ग़मोंसेरिश्ताहैअपनाभीदोस्तीकीतरह
मिलेहैंअश्कभीहमकोयहाँहँसीकीतरह
करमकीज़हमत-ए-बे-जाकाशुक्रियालेकिन
तुम्हारेदर्दकोचाहाहैज़िंदगीकीतरह
मैंअपनादर्दलिएअबकहाँकहाँजाऊँ
मुझेरफ़ीक़भीमिलतेहैंअजनबीकीतरह
शरीफ़लोगभीहोतेहैंमस्लहतकाशिकार
उजालेआजभीमिलतेहैंतीरगीकीतरह
येकिसनेशमएँजलाईहैंअपनीयादोंकी
अँधेरेघरमेंहैयेकौनरौशनीकीतरह
किसीख़यालमेंअक्सरशगुफ़्तारहताहूँ
कोईख़यालहैफूलोंकीताज़गीकीतरह
येऔरबातकिअबमैं'रईस'-ए-महफ़िलहूँ
ग़रीब-ए-शहरकभीथामेंआपहीकीतरह
  - Raees Akhtar
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