har zabaan par hai guftugoo teri | हर ज़बाँ पर है गुफ़्तुगू तेरी

  - Radhe Shiyam Rastogi Ahqar
हरज़बाँपरहैगुफ़्तुगूतेरी
हैहरइकदिलमेंआरज़ूतेरी
मेहर-ओ-महदोनोंतुझसेशश्दरहैं
येतजल्लीहैचार-सूतेरी
मयसेशैख़गरतहारतकर
आबरूहोदम-ए-वुज़ूतेरी
ज़ुल्फ़सुम्बुलहैऔरकमररग-ए-गुल
हैयेता'रीफ़मू-ब-मूतेरी
गुलफूलेंसमाएजा
मेंमें
गरसबासवोपाएँबूतेरी
लाईआहूकोदाममेंगोया
आँखपरज़ुल्फ़-ए-मुश्कबूतेरी
दुर-ए-दंदाँपेतोफ़िदा'अहक़र'
चश्म-ए-गिर्यांहैआबरूतेरी
  - Radhe Shiyam Rastogi Ahqar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy