hai husn ka ej'aaz ki ejaz-e-nazar kya | है हुस्न का ए'जाज़ कि ए'जाज़-ए-नज़र क्या

  - Rabia Barni
हैहुस्नकाए'जाज़किए'जाज़-ए-नज़रक्या
आँखोंमेंहैंपोशीदातिरेलाल-ओ-गुहरक्या
अश्कोंकेसितारेकजीयादोंकेशररहैं
अबउनकेसिवाऔरनहींशाम-ओ-सहरक्या
फिरअर्सा-ए-महताबहैशब-ख़ूँकीकहानी
किरनोंकीसिनानेंहैंकिहैंतार-ए-जिगरक्या
येरातयेमहताबयेख़ुशबूयेतरन्नुम
अक्स-ए-ग़म-ए-जानाँभीहैतस्कीनअसरक्या
हमकिससेकहेंक़िस्सा-ए-महरूमी-ए-बुलबुल
दुश्मनहैगुलिस्तानहीसारागुल-ए-तरक्या
जिसदर्दकादामनतिरीपलकोंसेबँधाहो
उसदर्दकीहोसकतीहैतदबीरदिगरक्या
हरमरहला-ए-सख़्तमिरेशौक़कीमंज़िल
मंज़िलपेपहुँचनाहैख़तरक्याहैहज़रक्या
फिरदिलपेबरसतीहैतिरेप्यारकीशबनम
अबख़ौफ़-ए-बद-अंदेशी-ए-ख़ुर्शेद-ए-सहरक्या
इकधुँदसीछाईहैसर-ए-जादा-ए-उम्मीद
हरगामपेलाएँगेनईशम-ए-नज़रक्या
तज्दीद-ए-तमन्नाभीहैवामांदगी-ए-शौक़
फिरक़ाफ़िलालुटताहैसर-ए-राहगुज़रक्या
महफ़िलमेंयेकौनआयाकिबुझनेलगींशमएँ
लोशामसेपैदाहुएआसार-ए-सहरक्या
  - Rabia Barni
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