sitam men bhi to pahluu un ki zeenat ke nikalte hain | सितम में भी तो पहलू उन की ज़ीनत के निकलते हैं

  - Raaz Rampuri
सितममेंभीतोपहलूउनकीज़ीनतकेनिकलतेहैं
हमारेख़ूँ-शुदादिलकोहसींतलवोंसेमलतेहैं
शिगाफ़-ए-सीनासूराख़-ए-जिगरचाक-ए-दिल-ए-आशिक़
मोहब्बतकीगलीसेसैकड़ोंरस्तेनिकलतेहै
तुम्हारीमाँगके'आशिक़हैंशैख़-ओ-बरहमनदोनों
येवोरस्ताहैजिसपरदोस्तदुश्मनसाथचलतेहैं
खटकआजआँसुओंकीदेरहीहैयेख़बरमुझको
चुभेथेदिलमेंजोकाँटेवोआँखोंसेनिकलतेहैं
मैंउसउल्फ़तकेसदक़ेहूँमैंउसनफ़रतकेक़ुर्बांहूँ
जगहहै'राज़'कीदिलमेंमगरसूरतसेजलतेहैं
  - Raaz Rampuri
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