ye ittifaq tha main us ka ham-zamaana tha | ये इत्तिफ़ाक़ था मैं उस का हम-ज़माना था

  - R P Shokh
येइत्तिफ़ाक़थामैंउसकाहम-ज़मानाथा
जोज़िंदगीसेतआ'रुफ़थाग़ाएबानाथा
कहींमिलेतोकभीउम्र-ए-रफ़्तासेपूछूँ
कहाँहैआजतिराजिससेदोस्तानाथा
बनाकेअबमुझेईंधनजलाएजाताहै
यहीथीशाख़कभीजिसपेआशियानाथा
कभीजोज़ो'महुआवक़्तरहगयापीछे
नज़रउठाईतोदेखावहीज़मानाथा
कहाँथीकोईसमाअ'तमकींवहाँतोफ़क़त
जबीन-साईकीख़ातिरइकआस्तानाथा
कभीग़ज़ालसीख़ू-ए-गुरेज़हीगई
थीक़ुर्बतेंतोबहुतएकशाख़सानाथा
  - R P Shokh
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